This is a collection of urdu poetry that sprang out of my mind at different times. I have collected them all and here i publish them
Ishq
इश्क़ वो भी फ़रमाते हैं पर यह वो हमसे कभी फ़रमाते नहीं,
कहलाये हम आशिक़ तो हैं पर माशूक़ वो कहलाते नहीं|
Kaun
अर्श में वो हैं ज़मी में वो हैं,
आफ़ताब में वो हैं, चांदनी में वो है,
ख़ुशी में वो हैं, गमी में वो हैं,
ज़्यादती में वो हैं, कमी में वो हैं,
तपिश में वो हैं, नमी में वो हैं,
अब तो हम ही में वो है, अब तो हम ही में वो है|
Vaham
रहने दे थोड़ा वहम इस खुशफहमी का ही है नतीजा,
कि हम तेरे दर से आज भी गुज़रते हैं|
Mohur
वफ़ा से ऐतबार तो कबका उठ चूका था ऐ खुदा,
तुने तो बस उस पर अपनी मोहर लगा दी|
Zindagi
मुफलिसी में कट रही है जैसी भी है ज़िन्दगी
हमको तो ऐसी पसंद है जैसी भी हो ज़िन्दगी|
kya baat hai bhaiya……badi shayari aa rahi hai aapki kalam se……
waise mast likha hai yaar…..
keep going keep it up……
mujhe to kuch dikha hi nahi yaha to
circles hi the kuch karo malik
hame bhi shayri padao
hello devendra ise padne ke liye naye wale interenet exporer me khol. nahi to phir mai screen shots mail karta hon
kya baat hai shayriiiiiiiiiiiiiiiiiiii i liked it
Aashikon ko mohabbat ke alava agar kuchh kaam hota,
Toh maikhane jake har roz yun badnam na hota,
Mil jaati chahne wali usse bhi kahin raah mein koi,
Agar kadmon mein nasha aur hath mein jaam na hota.
अए नए साल तेरा इस तरह आगाज़ हो /
गुल मोहब्बत के खिलें और अमन की बरसात हो //
अए खुदा मेरे खुदा सुन ले तू मेरी ये सदा /
साल का हर एक लम्हा एक मीठा साज़ हो //
काश मिट जाये अमीरी और गरीबी की लकीर /
हर महल के साये में इक झोपडी आबाद हो //
बख्श दे रब आपको यों कामयाबी का उरूज /
दुश्मनों के दिल जलें और दोस्तों को नाज़ हो //
घर में महकें हर तरफ अए दोस्त खुशियों के गुलाब /
आसमानों से भी ऊपर आपकी परवाज़ हो //
टूट कर गिर जाएँ जंजीरें सियासत की तमाम /
फूल,कोयल और तितली का चमन आज़ाद हो //
हो हवाओं को चरागों की हिफाज़त का ख्याल /
इनके चलने और जलने का नया अंदाज़ हो //
कोख में मारी न जाये कोई बेटी अए ’जेया’ /
माँ की भीगी आँख में न अब कोई फ़रियाद हो //